STORYMIRROR

Amar Singh

Romance

3  

Amar Singh

Romance

इश्क़

इश्क़

1 min
136

जिस्म से रूह में उतर जाये वो प्यार है।

आँखों से आकर दिल में संवर जाये वो प्यार है।

इश्क़ नाम नहीं दो जिस्मों के एक हो जाने का,

 इश्क़ में जाये कण-कण बिखर जाए वो प्यार है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance