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Shubhi Jhuria

Abstract

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Shubhi Jhuria

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लव यू जिंदगी

लव यू जिंदगी

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मन में जो थी खुशी

वो बड़ी सुहानी लगी।

भाती मुझे यूं

जैसे भाती हर

एक को पानी पूरी।

दुनिया लगी मुझे रंगीन 

और चांदनी भरी।

लोगो की मौजूदगी

न परेशान करती।

हवा में एक महक थी।

जो थी मस्ती के नशे से भरी

क्या हो गया है मुझे,

खुशी का नशा इस बारी?

फूल सी सुंदर यह जिंदगी

यू हैव ऑल माई हार्ट्स

डियर जिंदगी!!

अंगड़ाई लेते हुए कर दि

मैंने बाई - बाई सारी नेगेटिविटी।

आईने में जब देखू खुद को

लग रही थी फूल ऑन फुलझड़ी।

खरगोश सी चुलबुली

और बड़ी बद बोली

अलविदा आपको फ्रॉम यह

पटाका छोरी!!


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