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अनुपम मिश्र 'सुदर्शी'

Inspirational Children

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अनुपम मिश्र 'सुदर्शी'

Inspirational Children

मैं हिंदू राष्ट्र बनाऊंगा

मैं हिंदू राष्ट्र बनाऊंगा

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सब बिखरे भूखंड जोड़,

कलि-मल-माया को तोड़ तोड़।

मैं अखिल विश्व की शांति हेतु,

गीता वाणी दोहराऊंगा।

मैं हिंदू राष्ट्र बनाऊंगा।।

कर्तव्य बोध से अभिसिंचित।

मैं राष्ट्रवाद फैलाऊंगा।।

पुरखों की अनुपम स्मृतियां।

फिर से मैं दोहराऊंगा।।

मैं हिंदू राष्ट्र बनाऊंगा।।

बस एक नाम है मोक्ष धाम।

बस एक नाम वह राम नाम।।

मैं सांस-सांस पर वही नाम।

बस राम-राम ही गाऊंगा।।

मैं हिंदू राष्ट्र बनाऊंगा।।

  

  


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