STORYMIRROR

अनुपम मिश्र 'सुदर्शी'

Romance

4  

अनुपम मिश्र 'सुदर्शी'

Romance

गीत

गीत

1 min
11

अश्रुओं में बह गई वो ख्वाब की कहानियां ।

मिट नहीं पाईं अभी वो प्यार की निशानियां।।

शाम की यादों में आतीं तेरी वो जुबानियां।

अश्रुओं में बह गई वो ख्वाब की कहानियां ।।

तुमसे नजरें मिलीं पलकें झुंकी वो हाय दिल।

लुट गया पहली दफा आया जब तुमपे दिल।।

गुल खिले, मुरझाए फिर भी याद है वो वादियां।

अश्रुओं में बह गई वो ख्वाब की कहानियां ।।

याद है वो चांद तुमको, बिंदु उसके तल में था।

तुम मेरे जब दिल में थीं मैं तेरे जब दिल में था।।

मैं मनाऊं रूठने पर और तेरी वो मनमानियां।

अश्रुओं में बह गई वो ख्वाब की कहानियां ।।


                 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance