STORYMIRROR

Deepak Meena

Inspirational

4  

Deepak Meena

Inspirational

ज़िद पर अपनी अड़े रहना....

ज़िद पर अपनी अड़े रहना....

1 min
274

ज़िद पर अपनी अड़े रहना

प्रचंड है आँधी पर तुम खड़े रहना


वेग इसका भी एक दिन हांफेगा

बदरा हटा उदासी की, हंसता सूरज झांकेगा


उम्मीद रख, मत होने दे जिजीविषा कमजोर

रात लंबी है, घना है अंधेरा, मगर कभी तो होगी भोर


प्रकृति का काम है आजमाना, आजमाएं रखे

पर फर्ज़ है तेरा की तू हौसलों की मशाल जलाये रखे


'अनिल' है तू, ये काले बादल भी उड़ा ले जाएगा

उम्मीद का एक 'दीपक' ही बहुत है, ये तिमिर कहां टिक पाएगा


दूरी है जरूरी पर दिल से तुम जुड़े रहना

ज़िद पर अपनी अड़े रहना

प्रचंड है आँधी पर तुम खड़े रहना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational