मैं एक खाली किताब
मैं एक खाली किताब
मैं एक खाली किताब बनूँगा
तुम उसकी एक कलम बन जाना
फिर हम मिलकर एक कहानी बनाएंगे
मैं एक बिना ख्वाब की नींद बनूँगा
तुम उसे पूरी करने वाला ख्वाब बन जाना
फिर हम मिलकर एक रात बनाएंगे
मैं एक बिना टिकट का मुसाफिर बनूँगा
तुम टिकट का भाड़ा बन जाना
फिर हम मिलकर एक लंबा सफर बनाएंगे
मैं एक कली बनूँगा
फिर तुम बादमें एक खुशबूदार फूल बन जाना
फिर हम मिलकर उस बाग को महकायेंगे
मैं एक बिना पर का परिंदा बनूँगा
फिर तुम उसके पर बन जाना
फिर हम उड़कर आसमान को छुकर आयेंगे
मैं एक तुम बनूँगा
और तुम मैं बन जाना
फिर मिलकर एक हम बनाएंगे
मैं एक खाली किताब...

