Rajdip dineshbhai
Classics Inspirational
ये रोज-ओ-शब तो गुजर जाने वाले होते है क्या तुम भी गुजर जाने वाले होते हो क्या?मैं तो गुज़ार कर देख रहा हूँ की गुजार ने वाले हादसे गुजर ने के होते है क्या!
महबूब
नजरिया
ख्वाब
घर में रोशनी ...
गुज़र-गुजार
मन के वहम में...
औरत तो औरत थी
खिड़की
मत चाहो
मैं था
जब पृथ्वी ही न संभली तो कोई और क्या संभलेगा। जब पृथ्वी ही न संभली तो कोई और क्या संभलेगा।
अश्क अपने छुपा लेंगे तुम रहो अपने गुमान में हम फिर दिल दुखा लेंगे।। अश्क अपने छुपा लेंगे तुम रहो अपने गुमान में हम फिर दिल दुखा लेंगे।।
तुम्हें भूल जाऊँ ये मुमकिन नहीं है यादों में मिलना दिल छोड़ दूँ। तुम्हें भूल जाऊँ ये मुमकिन नहीं है यादों में मिलना दिल छोड़ दूँ।
प्राण जाए पर वचन न जाए, महान वक्तव्य को हम जानें।। प्राण जाए पर वचन न जाए, महान वक्तव्य को हम जानें।।
उस दरिंदगी के नाच के इल्ज़ाम बस लगा था तो सिर्फ उनपे। उस दरिंदगी के नाच के इल्ज़ाम बस लगा था तो सिर्फ उनपे।
सच्चाई है नहीँँ इन खोखले से व्यर्थ नारों में । सच्चाई है नहीँँ इन खोखले से व्यर्थ नारों में ।
आप जिससे खेलते वो हैं हमारी बेटियाँ छोड़िये पगली दिवानी आपसे मिलती नहीं। आप जिससे खेलते वो हैं हमारी बेटियाँ छोड़िये पगली दिवानी आपसे मिलती नहीं।
प्रीत में मीरा दीवानी जाने क्या क्या कह गयी बिन बोले टकटकी बाँधे रह गयी। प्रीत में मीरा दीवानी जाने क्या क्या कह गयी बिन बोले टकटकी बाँधे रह गयी।
तूझको देखूँ तो तू ही मेरा राम मेरे राम मेरे राम तू मेरा भगवान ! तूझको देखूँ तो तू ही मेरा राम मेरे राम मेरे राम तू मेरा भगवान !
जब तक यहाँ जीवन है ये सफर ना रुकने वाला है। जब तक यहाँ जीवन है ये सफर ना रुकने वाला है।
रख स्वभाव में शुद्धता का 'स्पर्श ' तू , अवश्य जिंदगी का पडाव मिलेगा। रख स्वभाव में शुद्धता का 'स्पर्श ' तू , अवश्य जिंदगी का पडाव मिलेगा।
'बेघर' कुछ तो इंसाफ करता है मौला हरदम ठोकर नहीं देता। 'बेघर' कुछ तो इंसाफ करता है मौला हरदम ठोकर नहीं देता।
इश्क़ खुदा के अंश पे, मिला 'कवि' को कांसे पे। इश्क़ खुदा के अंश पे, मिला 'कवि' को कांसे पे।
सााँसों जैसे देना है साथ, जबतक जहान है, थाम कर रखो ये हाथ। सााँसों जैसे देना है साथ, जबतक जहान है, थाम कर रखो ये हाथ।
ऐ सनम तुझसे मोहब्बत किया करूं दिलबर तुम पर शायरी लिखा करूं। ऐ सनम तुझसे मोहब्बत किया करूं दिलबर तुम पर शायरी लिखा करूं।
है वर्षा से संबंधित, वन को हमें स्वयं को करना है समर्पित। है वर्षा से संबंधित, वन को हमें स्वयं को करना है समर्पित।
बेटी है तो क्या हुआ वह भी ऊँची उड़ान लगाएगी। बेटी है तो क्या हुआ वह भी ऊँची उड़ान लगाएगी।
यादगार बेहतरीन बनाएँ ज़िंदगी का हर पल, जिंदादिली से हरदम हमेशा से जीएं हर पल। यादगार बेहतरीन बनाएँ ज़िंदगी का हर पल, जिंदादिली से हरदम हमेशा से जीएं हर पल।
कभी पराया कर पीछे छोड़ जाएँ, क्या बात है तेरी ज़िन्दगी ! कभी पराया कर पीछे छोड़ जाएँ, क्या बात है तेरी ज़िन्दगी !
एक भ्रम जिन्दा है कि कलाकार जिन्दा है। कला का अवतार जिन्दा है ?" एक भ्रम जिन्दा है कि कलाकार जिन्दा है। कला का अवतार जिन्दा है ?"