STORYMIRROR

Rajdip dineshbhai

Classics Inspirational

3  

Rajdip dineshbhai

Classics Inspirational

गुज़र-गुजार

गुज़र-गुजार

1 min
39

ये रोज-ओ-शब तो गुजर जाने वाले होते है 
क्या तुम भी गुजर जाने वाले होते हो क्या?

मैं तो गुज़ार कर देख रहा हूँ की 
गुजार ने वाले हादसे गुजर ने के होते है क्या!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics