STORYMIRROR

Gaurav Chhabra

Fantasy

4  

Gaurav Chhabra

Fantasy

मैं एक चॉकलेट हूँ

मैं एक चॉकलेट हूँ

1 min
290

वैसे तो मैं एक चॉकलेट हूँ पर असल में ज़िन्दगी की तरह हूँ

इतिहास में ४५० इसा पूर्व से हूँ पर में मीठी १६वी शताब्दी से हुई हूँ


समय संग रूप बदलती गई कभी तरल तो कभी सुखी परोसी गई

हर सांचे में ढलती चली गई कभी गोल तो कभी चौकोर बनायीं गई


भारत में अभी-अभी आयी हूँ पर लगता है कि वर्षों पुरानी हूँ

हर उत्सव का अभिन्न अंग हूँ पर छुप-छुपाकर भी खायी जाती हूँ


जिसने जैसा बनाया वैसे बन गई कभी श्याम तो कभी श्वेत रंगी गई

हर बार नयी कहानी गढ़ती गई कभी खूबसूरत तो कभी यादगार लम्हा बन गई।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy