STORYMIRROR

Gulafshan Neyaz

Classics Inspirational

3  

Gulafshan Neyaz

Classics Inspirational

माँ

माँ

1 min
161

माँ की महिमा अपार है

इसमें बसता संसार है


माँ का दिल जो दुःखाओगे

कंही सुकून ना पाओगे


माँ ममता की मूरत है

उसकी भोली सूरत है


जीवन को धारा देती है

सब दुख वो सहती है


माँ मेरी महान है

जीवन का देती ज्ञान है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics