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Rachna Chaturvedi

Tragedy


4.5  

Rachna Chaturvedi

Tragedy


माँ की प्रतिज्ञा

माँ की प्रतिज्ञा

1 min 219 1 min 219

मैं नहीं चाहती देना जीवन

अपनी नन्ही बिटिया को।

क्यों लाऊँ मैं इस दुनिया में

अपनी नन्ही बिटिया को।


बेटों की चाहत के जग में,

प्यार-दुलार न दे पाऊँगी,

अपनी नन्ही बिटिया को।

क्यों लाऊँ मैं इस दुनिया में

अपनी नन्ही बिटिया को।


पंख कतरने वाले घर में,

सपने नहीं दिखा पाऊँगी,

अपनी नन्ही बिटिया को।

क्यों लाऊँ मैं इस दुनिया में

अपनी नन्ही बिटिया को।


नर का वेश धरे व्याघ्रों से,

नहीं सुरक्षित रख पाऊँगी,

अपनी नन्ही बिटिया को।

क्यों लाऊँ मैं इस दुनिया में

अपनी नन्ही बिटिया को।


मूक-बधिर और मृत समाज में,

न्याय उचित ना दिला सकूँगी,

अपनी नन्ही बिटिया को।

क्यों लाऊँ मैं इस दुनिया में

अपनी नन्ही बिटिया को।


अपनी लाश को खुद ढोते मैं,

हरगिज़ देख नहीं पाऊँगी,

अपनी नन्ही बिटिया को।

क्यों लाऊँ मैं इस दुनिया में

अपनी नन्ही बिटिया को।


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