जयति जैन नूतन
Drama
लत नहीं तो क्या था
जिसके लिए इंसा
दिन रात जुटा रहता है
नॉकरियों की तलाश में...?
खामियां
स्त्री हूँ
हँसी ठिठोली ब...
कविता- चलो आज...
लत
कठिन है पर असंभव नहीं थोड़ा वक्त लगेगा पर हो जाएगा। कठिन है पर असंभव नहीं थोड़ा वक्त लगेगा पर हो जाएगा।
जब सब कुछ जान कर भी 'मन' अनजान बना रहता है। जब सब कुछ जान कर भी 'मन' अनजान बना रहता है।
काल कोरोना का अब मरण मैं करूं, तुम्हारी तरह बनूँ प्रकृति तुम्हारी शरण मे रहूँ। काल कोरोना का अब मरण मैं करूं, तुम्हारी तरह बनूँ प्रकृति तुम्हारी शरण मे रहूँ...
भारत सारा जीतेगा कोरोना को पीटेगा। भारत सारा जीतेगा कोरोना को पीटेगा।
पास बुला कर दूर न करना, अब तुम ही मेरे गीत हो गए। पास बुला कर दूर न करना, अब तुम ही मेरे गीत हो गए।
दूसरे बीमार हैं तो, हम तो बीमार नहीं, ये "अनंत" सोच कर, खुशियां मनाइये। दूसरे बीमार हैं तो, हम तो बीमार नहीं, ये "अनंत" सोच कर, खुशियां मनाइये।
अब तो अपने घुटने टेक दोना, अब तो तुम जाओ कोरोना। अब तो अपने घुटने टेक दोना, अब तो तुम जाओ कोरोना।
जाने से पहले तुम करोड़ों दिलों में अपनी जगह बना गए। जाने से पहले तुम करोड़ों दिलों में अपनी जगह बना गए।
बस, मुश्किलों के इस तूफान से, आने वाला कल चुराना है हमें। बस, मुश्किलों के इस तूफान से, आने वाला कल चुराना है हमें।
तुम्हीं से आस है "नीरज", न घृणा से पा सकोगे उसको। तुम्हीं से आस है "नीरज", न घृणा से पा सकोगे उसको।
जगते 'मतर्य' के अक्षों में केवल 'निशीथ' ही रहता है ! जगते 'मतर्य' के अक्षों में केवल 'निशीथ' ही रहता है !
तू आप को सक्षम शायर मानता अगर ग़ालिब पढ़ने की तुझे आदत ना होती। तू आप को सक्षम शायर मानता अगर ग़ालिब पढ़ने की तुझे आदत ना होती।
कितनी दोंगे सज़ा अब तो दें दो दुआ इंतजार अब है मुझे ऑफिस याद आता है मुझे। कितनी दोंगे सज़ा अब तो दें दो दुआ इंतजार अब है मुझे ऑफिस याद आता है मुझे।
तपन हृदय की मिट जाएगी, जब प्रभु चरणों में जाना हो। तपन हृदय की मिट जाएगी, जब प्रभु चरणों में जाना हो।
करनी अगर बुरे के बदले में सोचेंगे बुरा तो नकारात्मक ऊर्जा विकसित होगी करनी अगर बुरे के बदले में सोचेंगे बुरा तो नकारात्मक ऊर्जा विकसित होगी
अपेक्षा सभी ह्रदय-पीड़ा की जड़ है---विलियम शेक्सपीयर अपेक्षा सभी ह्रदय-पीड़ा की जड़ है---विलियम शेक्सपीयर
दिन चढ़ गया मेरी मैया,अँधेरा ढल गया मेरी मैया, हो रही मन्दिर में जयजयकार। दिन चढ़ गया मेरी मैया,अँधेरा ढल गया मेरी मैया, हो रही मन्दिर में जयजयकार।
खाया मैंने दोनों को मुझे भरपूर मज़ा आया। खाया मैंने दोनों को मुझे भरपूर मज़ा आया।
यही मसाले जीवन जैसे जीवन में घुल कर स्वाद ले आये। यही मसाले जीवन जैसे जीवन में घुल कर स्वाद ले आये।
देश के काम ना आए वो धरती पर है बोझा। देश के काम ना आए वो धरती पर है बोझा।