STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy

4  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy

"ले डूबा आईपीएल"

"ले डूबा आईपीएल"

1 min
425

ले डूबा हमारी टीम को आईपीएल

बंद है, यह जुबां और बंद है, यह लब

अब उन्हें जरा पैसे की जरूरत नही,

खेल प्रेमियों की हुई है, अब बुरी गत

कहता है, साखी, सुनो सब देशवासी

बंद करवा दो, अब यह आईपीएल

जिसने छीना है, हमारी टीम का बल

टीम हारी, हृदय हो गया बड़ा भारी

कैसे अब भला हम, अक्षु बहाये

टूट गया हमारा ख्वाबों का महल

तुम्हें लाज-शर्म बिल्कुल न आई

पहले पाक से हमारी नाक कटाई

अब न्यूजीलैंड से हो गये बुरे कत्ल

बंद करवा दो, अब यह आईपीएल

जिसने छीना हमारी टीम का बल

लड़कर हारते तो जरा गम न होता

एक तरफा हारे यह बड़ी बुरी पहल

हमारी भावनाओं को तुम समझते,

यूं नहीं टूट जाती हमारी यह गजल

ज्यादा खेलने से, ज्यादा बहलने से,

जीत को हमारे लग गई है, नजर

ले डूबा हमारी टीम को आईपीएल

हारकर जीते, उसे कहते है, बाजीगर

उठो, जागो तोड़ दो हर हार पहल

हम है, हिंद के पर्वत हिमालय अटल

अब न हारेंगे, जीवन को हम सुधारेंगे

हम छोड़ देंगे, अब आईपीएल शहर



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy