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Mithilesh kumari

Tragedy

4  

Mithilesh kumari

Tragedy

लड़की

लड़की

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अँधेरे घर की मुंडेर पर बैठी

तीन साला लड़की

खा रही है आलू रोटी

निडरता उसकी आँखों में है

और साहस ज़बाँ पर

घर के लोग गए हैं काम पर ।

लेकिन उस लड़की

का खुला आसमान

कौन कुंठित आकर छीन लेगा

रौंद डालेगा

उसकी हंसी

उसकी मासूमियत

सुरक्षा की गारंटी

तुम्हारे सभ्य समाज में गायब है ।।

 


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