STORYMIRROR

Shalini Mishra Tiwari

Drama

4  

Shalini Mishra Tiwari

Drama

लालबत्ती

लालबत्ती

1 min
371

ज़िंदगी भी

 ट्रैफिक की लालबत्ती की

तरह हो गई

रास्ते तो सामने है

पर बहुत जाम लगा है।


भागमभाग ज़िंदगी में 

बहुत काम है

ये दिखाती है अपना रंग

चाहे जितना भागो


दिखाएगी अपना ढंग

तुम्हारे पैरों में लगा देती है बेड़ी

कितना भी कोशिश करो

तुम्हें रुकना ही होगा


शायद

ये समझाना चाहती है

कि तेरा रुकना

तेरा समय की बर्बादी नहीं

बल्कि

तुझे सब्र करना 

सिखाती है।


भागमभाग ज़िंदगी में

पा लेना ही सब कुछ

नहीं।

जो वक़्त मिला है सोचो कि

लालबत्ती कुछ 

कह रही है।


तुम्हारी गतिशील ज़िंदगी में

ठहराव भी बेहद

जरूरी है

वरना

थक जाओगे 

भागते-भागते।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama