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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

क्यूं छोड़ कर तू चली गई ?

क्यूं छोड़ कर तू चली गई ?

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चाहता था मैं दिल से तुझ को,

फिर क्यूं तू मुझ से रूठ गई?

किसी की बातों में आकर मुझ को ,

क्यूं छोड़ कर तू चली गई?

बरसो बितायें थे साथ हमने,

प्यार भरे तराने गाते थे,

चाहतें थे हम एक दूसरे को,

प्यार की धड़कन मिलाते थे।

दिल के अरमानों को तोड़ के तू,

क्यूं मुझे बेबस कर गई?

किसी की बातों में आकर मुझ को ,

क्यूं छोड़कर तू चली गई?

तेरे प्यार का दीवाना था मैं,

मेरे ख्वाबों की तू थी रानी,

प्यार की महफ़िल सजाता था मैं,

रात दिन तेरे लिये जानी।

प्यार भरा दिल तोड़ कर "मुरली",

क्यूं बेचैन मुझे कर गई?

किसी की बातों में आकर मुझ को ,

क्यूं छोड़कर तू चली गई?



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