STORYMIRROR

Dr. Akshita Aggarwal

Fantasy Inspirational Others

4  

Dr. Akshita Aggarwal

Fantasy Inspirational Others

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए

1 min
244

क्यों ना मन के दरवाजों के भीतर कैद,

बचपन की यादों को आज़ाद किया जाए??....

क्यों ना बस थोड़ी-सी देर बढ़ती उम्र की,

बेदर्द-सी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लिया जाए??....

क्यों ना अपने बचपन को,

एक बार फिर से जीने की कोशिश की जाए??....

क्यों ना कुछ पल फुर्सत से बिताए जाएं??....

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए??....


क्यों ना थोड़ी-सी देर खुद के लिए जिया जाए??....

क्यों ना भागती-दौड़ती सी इस ज़िंदगी में,

थोड़ा-सा समय अपने लिए भी निकाला जाए??....

क्यों ना इस वक्त को,

बस कुछ देर के लिए थाम लिया जाए??....

क्यों ना वह कुछ वक्त फिर,

सिर्फ़ अपनों के साथ ही बिता दिया जाए??....

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए??....


सबके जीवन की होती है एक अलग कहानी।

क्यों ना कभी किसी के जीवन की कहानी,

उसी की जुबानी सुनी जाए??....

क्यों ना किसी के साथ बाँट अपना गम।

अपना भी थोड़ा-सा मन हल्का कर लिया जाए??....

बढ़ गई है नफ़रत दुनिया में बेतहाशा।

क्यों ना थोड़ा-सा प्यार बांट लिया जाए??....

क्यों ना किसी के गम को दूर किया जाए??....

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए??....


क्यों ना हर परिस्थिति में,

खुश रहने की कोशिश की जाए??....

क्यों ना जीवन में,

नई ऊर्जा का संचार किया जाए??....

क्यों ना किसी के लिए,

प्रेरणा का स्त्रोत बना जाए??....

क्यों ना एक नवीन समाज का,

निर्माण किया जाए??....

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए??....

क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए??....



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy