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Rajiv Jiya Kumar

Romance Fantasy

3  

Rajiv Jiya Kumar

Romance Fantasy

क्या पूछते हो

क्या पूछते हो

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न पूछो अपनी अब

हम न कुछ कह पाएंगे

दिलो-जां गुम हुआ आप में

आपके ही ख़्वाबों

की महफिल सजाएंगे।।

         सनम मिला आपसे प्यार इतना

         लब गीत आपके ही गाते हैं

         हम तो तब से बस इक अकेले

         हर लम्हा बंध आप संग

         फिर जी जाना चाहते हैं।।

कह ली है अपनी बहुत आपने

हम तो बस यह कह जायेंगे

आपसे बस है महक प्रीत की

सपने अपने सारे सजन हमारे

आपसे बुन सज जायेंगे ।।

          न पूछो अपनी अब

          हम न कुछ कह पाएंगे

          आपको माना है मुमु 

          अपनी ही जान, अपना अरमां

          जान आप पर वार दिखा देंगे।।

                  

    

           

  

          



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