Ajita Singh
Fantasy
दिल तुम्हें देखकर
अक्सर ये सोचता है
तुम मेरा भ्रम हो या
कोई कल्पना
मेरी अलसायी हुई सुबह या
जागती रातों का सपना
तुम क्यों मेरी कविता का केन्द्र बिंदु हो
सार हो... शीर्षक हो...
तुम क्यों हो ?
कौन हो ?
वो शाम.....
कांटे
मौन भाषा
सुकून
जैसे
सफ़र
कविता
प्यार
मौन
तुम
और वो कराह उठेगी किसी पर कटे पंछी की भांति बेबस....लाचार...! और वो कराह उठेगी किसी पर कटे पंछी की भांति बेबस....लाचार...!
जिसे कफन खरीदने वाला, फिर दोनों की जिंदगी इतनी अलग क्यो है ? जिसे कफन खरीदने वाला, फिर दोनों की जिंदगी इतनी अलग क्यो है ?
जो अमीर ज़ादे थे कभी, आज रह गए खाली हाथ। जो अमीर ज़ादे थे कभी, आज रह गए खाली हाथ।
ना भय की बात हो ना दफन याद की कल्पना ना भय की बात हो ना दफन याद की कल्पना
कैसा है ये चाहत का सफर क्या है यह चाहत का सफर जिसमें जुड़े रहे ते हैं दिल। कैसा है ये चाहत का सफर क्या है यह चाहत का सफर जिसमें जुड़े रहे ते हैं दिल।
इस आसमान-ओ-दिल में मौसम ही कुछ और हो। इस आसमान-ओ-दिल में मौसम ही कुछ और हो।
मिल जाये लड़का और लड़की, यही काफी नहीं। पहले देख तो लो लड़की का मंगल, शनि तो भारी नहीं मिल जाये लड़का और लड़की, यही काफी नहीं। पहले देख तो लो लड़की का मंगल, शनि तो ...
एक तमन्ना है मेरी कहां फिर कर्ज मोहब्बत का बकाया होगा। एक तमन्ना है मेरी कहां फिर कर्ज मोहब्बत का बकाया होगा।
तुम मुक्त भी तुम उन्मुक्त भी तट हूँ तटस्थ हूँ तुम मुक्त भी तुम उन्मुक्त भी तट हूँ तटस्थ हूँ
जब भी सोचती हूँ तब दुःख का पैमाना छलकता है ! जब भी सोचती हूँ तब दुःख का पैमाना छलकता है !
पंछी दोनों हम मतवाले, कविता प्रताप ने लिखी हमारी।। पंछी दोनों हम मतवाले, कविता प्रताप ने लिखी हमारी।।
दरीचों के इस पार चुपचाप आँखों से छलक जाती हैं, दरीचों के इस पार चुपचाप आँखों से छलक जाती हैं,
प्रभु महिमा का गान करूँ, उसका मन में धीरज में धरूँ प्रभु महिमा का गान करूँ, उसका मन में धीरज में धरूँ
रिमझिम बरीस बरसे। आया सावन झुमो जरा। रिमझिम बरीस बरसे। आया सावन झुमो जरा।
ख़ुदा करे कि तुम्हें हर ख़ुशी मुकम्मल हो ख़ुदा करे कि तुम्हें हर ख़ुशी मुकम्मल हो
श्याम नाम का धैर्य धरा हैं, ओ सांवरे तेरे नाम का भले दो शरीर हैं, आत्मा एक रहती हैं श्याम नाम का धैर्य धरा हैं, ओ सांवरे तेरे नाम का भले दो शरीर हैं, आत्मा एक र...
रूह के बिना ये शरीर बेजान सा रहता है तेरे बिना मेरा दिल कहीं भी नहीं लगता है रूह के बिना ये शरीर बेजान सा रहता है तेरे बिना मेरा दिल कहीं भी नहीं लगता है
हाँ, ये चट्टानी गोला धरती का चांद है। हाँ, ये चट्टानी गोला धरती का चांद है।
किस्मत का लिखा मालूम नहीं था, इसीलिए हमारा इश्क़ अधूरा रह गया। किस्मत का लिखा मालूम नहीं था, इसीलिए हमारा इश्क़ अधूरा रह गया।
तेरा एहसास दिमाग पर इस कदर चढ़ा लगता है ये कोई छल या माया है। तेरा एहसास दिमाग पर इस कदर चढ़ा लगता है ये कोई छल या माया है।