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Ajita Singh

Romance

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Ajita Singh

Romance

प्यार

प्यार

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कहीं खो जाना है

कहीं बह जाना है

बिना सोचे, बिना समझे

हर बार, बहुत बार, बार-बार सोचने से

इस बह जाने का जितना डर

मेरे मन-मस्तिष्क में थम के बैठा है

उतनी ही तीव्र है मेरे अंदर

बह जाने की इच्छा



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