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AKIB JAVED

Romance

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AKIB JAVED

Romance

तुम मिले हो ख़ुदा ख़ुदा कर के

तुम मिले हो ख़ुदा ख़ुदा कर के

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हम मिले दर्द को छिपा कर के

क्या मिला उनसे यूँ वफ़ा करके।


याद करते हैं वो भुला कर के

फिर बुलाते हैं वो दुआ कर के।


पल दो पल की इस ज़िन्दगी में तुम

जीत लो दिल यूँ मुस्कुरा कर के।


हाथ को हाथ में ले कर देखो

कर के देखो यूँ फ़ैसला कर के।


बाँधे धागे यूँ मन्नतों के जब

तुम मिले हो ख़ुदा ख़ुदा कर के।


लौट आई अभी अभी मिल कर

आँख से आँख मशवरा कर के।


वो ग़ज़ल के रदीफ़ है 'आकिब'

ख़ुश है हम शे'र को निभा कर के।


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