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Ajita Singh

Romance

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Ajita Singh

Romance

तुम

तुम

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शरीर में बहते हुए रक्त प्रवाह से तुम

उमङते घुमङते विचारणीय रवा से तुम


हृदय स्पंदन गतिकीय कला से तुम

पूछो ना मेरे लिए किस तरह से तुम।


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