Bhoop Singh Bharti
Horror Tragedy
वर्ण व्यवस्था नै करी, माटी मळयामेट।
आकै म्हारे भीम नै, मेटी सभ अळसेट।
मेटी सभ अळसेट, भेद की भीत गिराई।
ऊँच-नीच की मूल, मनुस्मृति भीम जलाई।
लिख नया संविधान, बदल दी दीन अवस्था।
मानव करे समान, तोड़कै वर्ण व्यवस्था।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार, उदास कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार...
मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं। मिट्टी पे हैं पदचिह्न दिखे कई, पर चलने वाला दिखे नहीं।
नथुनों में दुर्गंध फ़ैली है लहू हर ओर जो बिखरा है नथुनों में दुर्गंध फ़ैली है लहू हर ओर जो बिखरा है
कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से। कैसे जीवन जीऊंगी अब, काँप रही जीवनदान से।
तक सुन पाओगे मिट जाएगा जब तेरी सृष्टि से तेरा ही विधि विधान।। तक सुन पाओगे मिट जाएगा जब तेरी सृष्टि से तेरा ही विधि विधान।।
उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है। उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है।
भैया संग छुपकर, मूवी डरावनी देखी माँ-पापा सो रहे बेखबर निद्रा उन पर हावी थी भैया संग छुपकर, मूवी डरावनी देखी माँ-पापा सो रहे बेखबर निद्रा उन पर ह...
मरहम को इंकार करता वो देश और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की ओर चली दुनिया मरहम को इंकार करता वो देश और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की ओर चली दुनिया
कृपा निधान कृपा करो हम सब पर, प्रभु अब तो लगता है बहुत हमें डर। कृपा निधान कृपा करो हम सब पर, प्रभु अब तो लगता है बहुत हमें डर।
परवाह सँग दे वो हौसला उपहारी कोई अरदास है। परवाह सँग दे वो हौसला उपहारी कोई अरदास है।
नींद आती होगी कि नहीं॥ नींद आती होगी कि नहीं॥
कहते हैं अब वो युवक भी उस वीराने का हिस्सा है। कहते हैं अब वो युवक भी उस वीराने का हिस्सा है।
जल रहा था टूट जाने के बाद उसको इस बात की समझ आई। जल रहा था टूट जाने के बाद उसको इस बात की समझ आई।
विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे, विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे,
खून की प्यासी उसकी आत्मा किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले। खून की प्यासी उसकी आत्मा किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले।
आनंद का उत्सव था, मातम में बदल गया हाथ थामे कौन किसका, हर कोई डर गया। आनंद का उत्सव था, मातम में बदल गया हाथ थामे कौन किसका, हर कोई डर गया।
त्रेता में श्रीराम तब आये थे, त्रेता में श्रीराम तब आये थे,
आती उसके समक्ष सफ़ेद रौशनी मेरी रूह से... आती उसके समक्ष सफ़ेद रौशनी मेरी रूह से...
यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं। यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं।
हेलोवीन के नाम से देखो मौत सिखाते हैं बच्चों को ।। हेलोवीन के नाम से देखो मौत सिखाते हैं बच्चों को ।।