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Gagandeep Singh Bharara

Romance

4  

Gagandeep Singh Bharara

Romance

कुछ तुम

कुछ तुम

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कुछ तुम मुझको अपना दे दो, 

कुछ तुम मेरा हिस्सा ले लो,


जिंदगानी के इस सफ़र में,

तुम कुछ मेरी खुशियों को ले लो,

कुछ अपने गम, तुम मुझको दे दो,


सफ़र, यू हीं ये कट जायेगा,

कुछ तुम मेरे वादे ले लो,

कुछ अपने सपनों को दे दो,


दिल ही की बस बात नहीं ये,

उम्र भर का साथ है देखो,

कुछ तुम मेरा कमाया ले लो, 

कुछ तुम अपना सरमाया दे दो,


कुछ तुम मुझको अपना दे दो, 

कुछ तुम मेरा हिस्सा ले लो,


हमसफ़र, गर इक दूजे के हैं हम,

तो अपना पराया छोड़ के देखो,

कुछ अपना घर तुम मुझको दे दो,

कुछ मेरे फर्ज़ों को ले लो,


सीधी नहीं ये डगर है देखो,

अपने अपने किरदार को समझो,

कुछ तुम मेरे अहसासों को जी लो,

कुछ तुम अपने आँसू ही दे दो,


कुछ तुम मुझको अपना दे दो, 

कुछ तुम मेरा हिस्सा ले लो।



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