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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

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कर्मों की ज़मापूंजी

कर्मों की ज़मापूंजी

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जी तोड़कर दिन - रात मेहनत करके ,

मेहनतकश इंसान सदा चलते हैं तनके !

उन्हें पता है कि व्यर्थ नहीं करना समय ,

कुछ नहीं हासिल होगा अकर्मण्य बनके!


एक बेहद परिश्रमी इंसान का पसीना :

जैसे बूंदो की शक्ल में कोई नगीना !

जो परिश्रम से नहीं सीखते कभी हारना :

वही जानते सफलता का परचम लहराना!


जो अनवरत परिश्रम और संघर्ष का ,

असल महत्त्व और मोल जान जाते हैं !

अपने कर्मों की जमापूंजी संग्रह करके ,

अपने लिए मील का पत्थर बन जाते हैं !



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