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Neetu Lahoty

Romance

5.0  

Neetu Lahoty

Romance

कोई नहीं जानता

कोई नहीं जानता

1 min
364


ज़िंदगी के फलसफ़े भी अजीब हैं

दिल कब, कहाँ, किससे लग जाये

कोई नहीं जानता


रोकेंगे भी बहुत, टोकेंगे भी बहुत

पर कब हाथ से फिसल जाये

कोई नहीं जानता


चाहोगे जितनी दूरी उससे

कैसे वो आपकी आदत बन जाये

कोई नहीं जानता



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