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Abhishu sharma

Romance

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Abhishu sharma

Romance

किस्मत

किस्मत

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तुम मेरी आँखों में थे , दिल में थे ,

तन मन और मेरी रूह में थे ,

सब जगह थे तुम

पर कभी तुमने देखना ही नहीं चाहा .

मेरे लबों पर हमेशा एक ही नाम था

पर जुबान पर कभी आ नहीं पाया

मेरे दिल के कागज़ पर रंगी थी तेरी ही हथेलियों की छाप

और आज किस्मत ने भी क्या खेल खेला है कि ,

तेरी उसी मेहँदी से सजी हथेली पर मेरी कलम की स्याही से लिख रहा हूं

कि तुम सब जगह हो

बस मेरी किस्मत में नहीं हो।


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