STORYMIRROR

Ajay Singla

Tragedy

4  

Ajay Singla

Tragedy

किस्मत के रंग

किस्मत के रंग

1 min
351

जीवन भर जिनको किसी चीज की कमी नहीं थी,

उनको खाली हाथ दुनिया से जाते हुए देखा हैl

दुनिया जिनकी मुट्ठी में थी उनको,

आसमां की तरफ हाथ फैलाते हुए देखा हैl


जो भाई एक दुसरे के लिए देते थे जान,

उनको लाठी डंडों से झगड़ते हुए देखा हैl

जो कभी भगवन के दर पे जाते नहीं थे,

उनको मंदिरों में नाक रगड़ते हुए देखा हैl


जिनको कभी अपने शौर्य पर गर्व था,

उनको मैदाने जंग से भागते हुए देखा हैl

 जिनसे खौफ़ जाता था सारा जहाँ,

उनको रात-रात भर जागते हुए देखा हैl


जो दूसरों को रोज बाँटते थे रोटियाँ,

उनको एक निवाले के लिए तरसते हुए देखा हैl

जिन आँखों में हर वक्त रहती थी ख़ुशी और चमक,

उन आँखों को रिमझिम बरसते हुए देखा हैl


जो जीवन भर किसी से कभी नहीं डरे,

उनको थर-थर काँपते हुए देखा हैl

जो मुट्ठी भर-भर दान देते थे कभी,

उन हाथों को खुदा से माँगते हुए देखा हैl


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy