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Anurag bharti

Romance

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Anurag bharti

Romance

ख्याल

ख्याल

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आज जागते ही देखो तुम्हारा खयाल आया है कि

इस बात से होंठों पे मुस्कुराहट कमाल आया है। 

कितने वक़्त बाद फिर से वही सवाल आया है, की

लगता है इश्क़ के बाजार में आजकल फिर उछाल आया है।

तुम्हारी खूबसूरती के किस्से तो मशहूर थे पहले ही मगर सुना है,

आजकल फिर किसी ने तुमपर अपना दिल निकाल आया है।

मैंने परखा है तेरी अंदाज के पहलुओं को बहुत बारीकी से,

खबर जब भी आया है बेमिसाल आया है।

कभी फुर्सत मिला तो बैठ कर पढ़ूँगा उन अखबारों को गौर से,

जिसमें तेरे नाम के पीछे छुपा मेरा भी नाम आया है।


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