Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

S Ram Verma

Romance


5.0  

S Ram Verma

Romance


ख्वाहिशें

ख्वाहिशें

1 min 120 1 min 120

बारिश की इन 

बूंदों के साथ हम 

और तुम खेले है

इन बूंदों के लिये ही

मिले और बिछड़े है

तुम्हारी जिद्द इन 

बूंदों को पकड़ लेने की

मेरी जिद इन बूंदों में 

साथ तुम्हारे भीग जाने की

ख्वाहिशें चाहे हमारी अलग हो

बारिश की बूंदों के साथ

खेलने की चाह एक थी

ठीक वैसे ही जैसे 

तुम मेरे पास आना 

चाहती हो पर किसी का

दिल दुखाये बगैर और

मैंने ठान रखा है नहीं 

जीना तेरे बगैर चाहे 

ख़ुदा को करना पड़े 

मुझे नाराज़ !


Rate this content
Log in

More hindi poem from S Ram Verma

Similar hindi poem from Romance