STORYMIRROR

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

2  

Jai Singh(Jai)

Tragedy Action Inspirational

"खूब सहे मजदूर "

"खूब सहे मजदूर "

1 min
75

सुविधा सबकी वो करे, खुद सुविधा से दूर

बेकारी की मार भी, खूब सहे मजदूर

खूब सहे मजदूर, काम वह सबके आता

लगा रहे दिन रात, मेहनत उसे सुहाता

करें काम का मान, बने न उसको असुविधा

सदा रहें खुशहाल, आका करें सब सुविधा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy