Anjali Sharma
Drama
न तारीख न कोई मंज़िल मुक़र्रर
चल दिया एक दिन यूँ ही
एक अनजान सफर पर
एक नए शख़्स से रुबरु होकर
अच्छा लगा खुद को
फिर खुद से मिलकर।
आज़ादी
प्रहरी
अपना कोई कोना
उम्मीद
सुबह
राजकुमारी
ज़ख्म
मौसम
नसीब
हिंदी
कायनात के नक्शे दिखाएगी बाँध लो प्रेम को काले धागे सा अपनी कलाई अपने आत्मा पर कायनात के नक्शे दिखाएगी बाँध लो प्रेम को काले धागे सा अपनी कलाई अपने आ...
मेरा तो मां ही मंदिर, मां ही मेरी पूजा संतान हेतु, मां शब्द फ़लक से ऊंचा मेरा तो मां ही मंदिर, मां ही मेरी पूजा संतान हेतु, मां शब्द फ़लक से ऊंचा
तभी से प्रति वर्ष यह होली का शुभ पर्व है मनाया जाता। तभी से प्रति वर्ष यह होली का शुभ पर्व है मनाया जाता।
मायके में अतीत अपना आती छोड़ दो कुल की धुरी बनकर जाती हैं रह मायके में अतीत अपना आती छोड़ दो कुल की धुरी बनकर जाती हैं रह
जब जब मुझे देखा तुम्हें उसकी बेवफ़ाई ही याद आई। जब जब मुझे देखा तुम्हें उसकी बेवफ़ाई ही याद आई।
यमराज नहीं हटा सके, लिपटे जब शिवलिंग, शिव भक्ति के आगे, मन्नत नहीं रही अधूरी।। यमराज नहीं हटा सके, लिपटे जब शिवलिंग, शिव भक्ति के आगे, मन्नत नहीं रही अधूरी।...
वक्त ने सितम ऐसा ढाया। वक्त तेरे देने का आया। वक्त ने सितम ऐसा ढाया। वक्त तेरे देने का आया।
जिन्होंने बात न की कभी जातिवाद की वो कूका था, आदिवासी समुदाय का जी जिन्होंने बात न की कभी जातिवाद की वो कूका था, आदिवासी समुदाय का जी
असुरी शक्तियों को, जगा चुका है, तामसिक वृति का हो चुका है इंसान, असुरी शक्तियों को, जगा चुका है, तामसिक वृति का हो चुका है इंसान,
हारा नहीं, जो जगा हूँ आज...! हारा नहीं, जो जगा हूँ आज...!
दुख हो सुख हो सब माता पिता के साथ अच्छे लगते हैं मां... दुख हो सुख हो सब माता पिता के साथ अच्छे लगते हैं मां...
किस को ख़बर, सबसे पहले मिले थे, हम दोनों कहाँ, किस को ख़बर, सबसे पहले मिले थे, हम दोनों कहाँ,
योजनाओं के रजिस्ट्रेशन हेतु, खड़े हुए है, वीर योजनाओं के रजिस्ट्रेशन हेतु, खड़े हुए है, वीर
जीवन को जीते रहने का ये, हुनर कहाँ से लाती हो तुम ? जीवन को जीते रहने का ये, हुनर कहाँ से लाती हो तुम ?
लड़ाई लड़ता अफ़ग़ानों के खिलाफ कई उन्हें पश्चिमी पंजाब की ओर भगाया था लड़ाई लड़ता अफ़ग़ानों के खिलाफ कई उन्हें पश्चिमी पंजाब की ओर भगाया था
तो वह दिल और रूह देकर। सिर्फ़ कोई मांगे निशानी। तो वह दिल और रूह देकर। सिर्फ़ कोई मांगे निशानी।
प्रेम गहन है...तो मजबूरी में प्रेम विरल है...तो मगरूरी में प्रेम गहन है...तो मजबूरी में प्रेम विरल है...तो मगरूरी में
आईने से तो कहते दिल के हर अरमान यही तो होता हल्का दर्द का समान आईने से तो कहते दिल के हर अरमान यही तो होता हल्का दर्द का समान
ना जाने कितने लोगों की जानें गईं हैं इन दो साल में। ना जाने कितने लोगों की जानें गईं हैं इन दो साल में।