हिंदी
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मेरी हिंदी, तुम्हारी हिंदी, हमारा गौरव हमारी हिंदी
शुद्ध रूप में सजी हिंदी, कहीं बम्बईया रंग में ढली हिंदी,
कभी कृष्ण की ब्रज भाषा में मीठे स्वर इठलाती हिंदी
कभी अरबी फारसी संस्कृत उर्दू संग ताल मिलाती हिंदी,
और कभी हिंगलिश बनकर युवाओं का साथ निभाती हिंदी
अवधी भोजपुरी बुंदेली हरयाणवी रूप में मिल जाती हिंदी,
हर नगर शहर गांव विदेश में हमको सम्मान दिलाती हिंदी
माँ की बोली, माँ की भाषा, मिट्टी की याद दिलाती हिंदी।
