STORYMIRROR

Kusum Lakhera

Action Classics Inspirational

4  

Kusum Lakhera

Action Classics Inspirational

खजाना कहाँ है ....

खजाना कहाँ है ....

1 min
341

खजाना कहाँ है धरती के

गर्भ में बहुत भीतर

सागर की गहराइयों में

बहुत गहरे

मिलते हैं बहुमूल्य मोती

कई बार पर्वत की चट्टान

में या किसी खान में  


में मिल जाता है बहुत सा सोना

यही नहीं नदी की  मिट्टी में

मिल जाते हैं सोने के कण

और वन मे जो पाई जाती है

वन संपदा वह भी खजाने के है समान !


धरती भी उगलती है अनाज के रूप

में सोना

खेत खलिहान भी हैं खजाने के समान !

और ये जो तेल है लोहा है खनिज हैं

ये सब भी हैं खजाने  के समान !


जो प्रकृति देती है मनुष्य को भर भर

हाथ पर  मानव  कहाँ समझ पाता है ?

वह ढूंढता रह जाता है

और  उसका सारा जीवन दुुख में

बीत जाता है कि खजाना कहाँ है ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action