STORYMIRROR

Sandeep Saras

Drama

2  

Sandeep Saras

Drama

खेल जिंदगी है

खेल जिंदगी है

1 min
380

जिंदगी कोई खेल नहीं

लेकिन खेल जिंदगी है

उन बहादुरों के लिए,


जो अपने शौर्य से

संसार को सलामी देने का

रखते हैं हौसला।


जिंदगी के अनुशासित खेल में

प्रतिपल प्रतिक्षण

सजग चौकन्नी निगाह

सटीक टाइमिंग, समर्थ प्रहार।


कभी कभी कदमों का लचीलापन

लक्ष्य पर सधी निगाह

प्रयास की निरन्तरता

और अंततः

पराक्रम से जीता जाना संग्राम।


सच मानिए !

जिन्दगी ऐसे ही खेलकर 

जीती जाती है यकीनन।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama