STORYMIRROR

Sandeep Saras

Romance

2  

Sandeep Saras

Romance

तू मुझे सम्भाल लेना

तू मुझे सम्भाल लेना

1 min
347

मुझको उदासियों से बाहर निकाल लेना

अपनी मोहब्बतों के साँचे में ढाल लेना।


फिसलन भरी डगर है इस प्रेम के सफर में,

तुझे मैं संभाल लूंगा, तू मुझे संभाल लेना।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance