Sandeep Saras
Action
हर हिंदुस्तानी की पहचान तिरंगा है
अपनी आजादी का ऐलान तिरंगा है।
शेखर, सुभाष, गांधी के नयनों का सपना,
हम सबके जीवन का अभिमान तिरंगा है।
भगवान बेचता ह...
खेल जिंदगी है
पाठशाला में र...
तू मुझे सम्भा...
तुम्हारी नींद...
नहीं बचे यदि ...
यह मतदान हमार...
ढूँढते रह जाओ...
अरमान तिरंगा ...
सबने ये कहा खिसयानी बिल्ली खंभा नोचती। सबने ये कहा खिसयानी बिल्ली खंभा नोचती।
मत कहो की तुम हार गए हो, रार गए हो । तू मेहनत का दामन थाम और बढ़े चल ! बढ़े चल ! मत कहो की तुम हार गए हो, रार गए हो । तू मेहनत का दामन थाम और बढ़े चल ! बढ़े च...
अभिमान प्रगति में बाधक है। जो इससे अछूता वही सच्चा साधक है। अभिमान प्रगति में बाधक है। जो इससे अछूता वही सच्चा साधक है।
सबने वादा कर लिया अब हमको कर गुजरना है भारत को फिर से एकबार पुनः सोनचिरैया बनना है। सबने वादा कर लिया अब हमको कर गुजरना है भारत को फिर से एकबार पुनः सोनचिरैया ब...
अपने सपनों का त्याग कर, दूसरों के सपने सजाने वाली। अपने सपनों का त्याग कर, दूसरों के सपने सजाने वाली।
जो भी दूजे को हँसाते, ऐसे लोग ख़ूब है भाते। जो भी दूजे को हँसाते, ऐसे लोग ख़ूब है भाते।
सच् तपस्या तो हमने की तुमने तो बस तपस्या कही ! सच् तपस्या तो हमने की तुमने तो बस तपस्या कही !
हम तो यूँ ही गुज़र जाते मुसाफिरों के काफिले में एक हवा के झोंके ने हमारा रुख मोड़ दिया हम तो यूँ ही गुज़र जाते मुसाफिरों के काफिले में एक हवा के झोंके ने हमारा रुख ...
मैं भी घूम लूं थोड़ी दुनिया तेरे साथ। बाकी दुनिया घूम लूंगी अपने हमसफर के साथ। मैं भी घूम लूं थोड़ी दुनिया तेरे साथ। बाकी दुनिया घूम लूंगी अपने हमसफर के सा...
समय के अनुरूप खुद को समाज के ढाँचे में ढलने वाला है, हमारा संविधान। समय के अनुरूप खुद को समाज के ढाँचे में ढलने वाला है, हमारा संविधान।
क्योंकि जीवन रहेगा तो सब रहेगा देश भी,धर्म भी और ये दुनिया भी। क्योंकि जीवन रहेगा तो सब रहेगा देश भी,धर्म भी और ये दुनिया भी।
आराम का अब नहीं समय। आलस्य त्यागो और काम के पीछे भागो। आराम का अब नहीं समय। आलस्य त्यागो और काम के पीछे भागो।
ना रुकना आप कभी मिल जाये बून्द पानी की तो फिर बारिश की हज़ार बूदों का इंतज़ार करना ना रुकना आप कभी मिल जाये बून्द पानी की तो फिर बारिश की हज़ार बूदों का इंतज़ार ...
जिंदगी में तकलीफ बहुत है ! झेल सको तो झेल लो ! जिंदगी में तकलीफ बहुत है ! झेल सको तो झेल लो !
क्यूंकि चल दिए हम स्वच्छता की आश में, मानवता की विकास में। क्यूंकि चल दिए हम स्वच्छता की आश में, मानवता की विकास में।
तुम कायर थोड़े ही हो की पीछे भागे। जीतता वही है जो नींद - चैन आराम त्यागे। तुम कायर थोड़े ही हो की पीछे भागे। जीतता वही है जो नींद - चैन आराम त्यागे।
अपने आंसू नहीं दिखा सकते किसी को पहाड़ है न इसलिए... अपने आंसू नहीं दिखा सकते किसी को पहाड़ है न इसलिए...
माना कष्ट तुम्हें भी है, इनसे भी कुछ, नया सीखते चलो, माना कष्ट तुम्हें भी है, इनसे भी कुछ, नया सीखते चलो,
वैर भाव सब त्याग कर मन में दया और प्रेम भरो। वैर भाव सब त्याग कर मन में दया और प्रेम भरो।
क्योंकि यहाँ कायरता की जगह हिंसा ही सर्वश्रेष्ठ है। यही तो है बापू की अहिंसा का मूलभाव क्योंकि यहाँ कायरता की जगह हिंसा ही सर्वश्रेष्ठ है। यही तो है बापू की अहिंसा ...