Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Sandeep Saras

Romance


2  

Sandeep Saras

Romance


तुम्हारी नींद उड़ जाए

तुम्हारी नींद उड़ जाए

1 min 149 1 min 149


तुम्हारी नींद उड़ जाए तुम्हारा चैन खो जाए।

तुम्हारा दर्द भी छलके, हमारा काम हो जाए।


हमारी वेदना ऐसे तुम्हारे द्वार पे मचले, 

तुम्हारे हाथ की मेंहदी, हमारा अश्रु धो जाए।


 


Rate this content
Log in

More hindi poem from Sandeep Saras

Similar hindi poem from Romance