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Praveen Gola

Romance


3  

Praveen Gola

Romance


खामोशी भरा प्यार

खामोशी भरा प्यार

1 min 74 1 min 74


खामोशी भरा प्यार ,
घुल रहा ....
मद्धम - मद्धम ,
साँसों के आरपार |

एक हल्की सी आहट भी  ,
करे रुस्वा .....
दो छाया का मिलन ,
लाया घना अंधकार |

हरकतें ज़िस्म की थीं ,
अजब थी बेचैनी ,
प्यासा मन करे ,
इशारे बारम बार |

धड़कने तेज होकर  ,
दस्तक करें ....
गर्म होठों से चिपके  ,
होठ हजार बार  |

बेकाबू बदन ,
मिल ही गए ,
कैसा अजब था ?
वो समां मेरे यार |

खामोशी भरा प्यार ,
घुल रहा ....
मद्धम - मद्धम ,
साँसों के आरपार ||




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