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Praveen Gola

Romance


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Praveen Gola

Romance


खामोशी भरा प्यार

खामोशी भरा प्यार

1 min 36 1 min 36

खामोशी भरा प्यार ,घुल रहा ....मद्धम - मद्धम ,साँसों के आरपार

एक हल्की सी आहट भी ,करे रुस्वा .....दो छाया का मिलन ,लाया घना अंधकार

हरकतें ज़िस्म की थीं ,अजब थी बेचैनी ,प्यासा मन करे ,इशारे बारम बार

धड़कने तेज होकर ,दस्तक करें ....गर्म होठों से चिपके ,होठ हजार बार 

बेकाबू बदन ,मिल ही गए ,कैसा अजब था ?वो समां मेरे यार

खामोशी भरा प्यार ,घुल रहा ....मद्धम - मद्धम ,साँसों के आरपार!



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