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Namrata Srivastava

Abstract

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Namrata Srivastava

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कॅरोना के मौसम में

कॅरोना के मौसम में

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न कही आना न जाना है जी करोना के मौसम में

बीमारी से खुद को बचाना है जी, करोना के मौसम में।

महलों के राजा हमारे ससुर जी

सासु हमारी बड़ी बड़भागी

घर ही में व्यंजन बनाना है जी, करोना के मौसम में।


दुकान-दौरी जेठ जी की ठप पड़ी है

जेठनी की काम करके कमर कटी है

बज्र बाई की छुट्टी हो जाना है जी, करोना के मौसम में।


वर्क फ्रॉम होम अब करते देवर जी

देवरानी हमारी बड़ी है छबीली

मॉल और जिम नही जाना है जी करोना के मौसम में।


हम तो ठहरे गांवन की मास्टरनी

सइयाँ हमारे गुरुजी का बाना

ऑनलाइन क्लास घर से चलाना है जी, करोना के मौसम में।


न कही आना न जाना है जी करोना के मौसम में

बीमारी से खुद को बचाना है जी, करोना के मौसम में।


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