कुछ लिखा है some writing
उसकी निरंतर निरीक्षण करती दृष्टि एक पुशतैनी घर पर पढ़ती है । उसकी निरंतर निरीक्षण करती दृष्टि एक पुशतैनी घर पर पढ़ती है ।
रह गया है, एक तो सिर्फ़ ख़ालीपन, और... एक तुम्हारा न होना। रह गया है, एक तो सिर्फ़ ख़ालीपन, और... एक तुम्हारा न होना।
ग की माँ की तीव्र हो रही आवाज़ अब धीरे धीरे मंदी होती जा रही है। ग की माँ की तीव्र हो रही आवाज़ अब धीरे धीरे मंदी होती जा रही है।
वह छोटी नौनी गीली रेत पर अपने नन्हे पदचिन्ह छोड़ कर उसी तरहं पहाड़ों में कहीं ग़ायब हो वह छोटी नौनी गीली रेत पर अपने नन्हे पदचिन्ह छोड़ कर उसी तरहं पहाड़ों में कहीं ग़...