STORYMIRROR

Reena Kakran

Children

4  

Reena Kakran

Children

कद्दू जी

कद्दू जी

1 min
544

प्यारे-प्यारे कद्दू जी,

मुँह फुलाकर कहाँ चले ?

बैंगन भैया तुम्हें पुकारे,

आकर उनसे मिलो गले।


कितने अच्छे दोस्त हो दोनों !

एक-दूजे से क्यों रूठे ?

जरा-जरा सी बात पर,

प्यारा रिश्ता ना टूटे।


चलो जल्दी से पास आओ,

सारी बातें भूल जाओ।

आपस में कट्टी तोड़कर,

दोस्ती को आगे बढ़ाओ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Children