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Reena Kakran

Children

4  

Reena Kakran

Children

कद्दू जी

कद्दू जी

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प्यारे-प्यारे कद्दू जी,

मुँह फुलाकर कहाँ चले ?

बैंगन भैया तुम्हें पुकारे,

आकर उनसे मिलो गले।


कितने अच्छे दोस्त हो दोनों !

एक-दूजे से क्यों रूठे ?

जरा-जरा सी बात पर,

प्यारा रिश्ता ना टूटे।


चलो जल्दी से पास आओ,

सारी बातें भूल जाओ।

आपस में कट्टी तोड़कर,

दोस्ती को आगे बढ़ाओ।


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