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SHREYA PANDEY .

Classics Inspirational Children

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SHREYA PANDEY .

Classics Inspirational Children

मेरा जन्मदिन

मेरा जन्मदिन

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रोशन हैं आज सबकी आंखें

घर में जलते हजारों दियों समान

घर आंगन महके इस शुभ दिन

परिवर्तन लाया मेरा अट्ठारवान जन्मदिन


कहीं मिठाई से थाल सजे हैं

कहीं रंगोली संग फुलवारी 

नानी उतार रही नजर बेगानी

मा सजा रही अपनी गुड़िया प्यारी


असमंजस में मेरे पिता

लेके बैठे हैं एल्बम पुरानी

माथे पर टीका तुतलाती ज़ुबान

क्या यूं बनती है बचपन से जवानी


लेके एक छोटा सा मोजा

नाप रहे मेरे पैरों को

धकेल रहे जो मुझे ज़िम्मेदारियों में

कैसे रोक इं गुजरते पेहरों को


अंगुली पकड़े ठुमक ठुमक कर

पग पग चलना सीखा

बस्ता टांगे भरी उड़ान

नभ में उड़ते बादल सरीखा

मांगे मुरादें नवीन खुशहाल

कलियों एस खिलता हो तेरा हर दिन

परिवर्तन लाया मेरा अट्ठारवान जन्मदिन।।


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