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Sameer Kumar

Drama

2.5  

Sameer Kumar

Drama

कड़वा सच

कड़वा सच

1 min
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अगर पत्थर मे जान होती।

तो चारो ओर सिर्फ चीखें सुनाई देती।

अगर नदियों मे जान होती।

तो उसके आँसुओं मे सारी दुनिया बैठी होती।


अगर हवा हमें दिखा करते।

तो उसे किसी के शरीर मे जगह ना मिलतीं।

अगर मंदिर मे भगवान होते।

तो वह किसी के घर के चार दिवारी पर ना लटकते।


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