" कभी न मारो जीव "
" कभी न मारो जीव "
जीवन दो हर जीव को,मत कर उसे हलाल
झटका देकर खुश हुआ ,नहीं कोई मलाल
नहीं कोई मलाल ,कत्ल उसका कर डाला
मुदित हुआ मन मोय,दिया खुदा का हवाला
जुल्म नहीं है ठीक,जान लो अपने सीवन
कभी न मारों जीव,बचाओ उसका जीवन।
