STORYMIRROR

Supriya shanu

Romance Tragedy

3  

Supriya shanu

Romance Tragedy

कभी ऐसा भी तो हो

कभी ऐसा भी तो हो

1 min
74

मेरा भी कोई हाल बयाँ तो हो

कोई झूठ ही पूँछे तो सही

कोई साथ बैठकर चाय पिये तो सही

कुछ मेरे पुराने किस्से सुने तो सही

कभी ऐसा भी तो हो


जब चलने लगे पुरवाई

हो जाये मौसम रंगीन कभी

जब बैठो नदी किनारे तुम

देखो तैरते पानी मे मेरी परछाई

कभी ऐसा भी तो हो


जब ठण्डी हवा के झोंके

तेरे बदन को स्पर्श करें

जो तुम उसमे आह भरो

कभी नाम मेरा भी लिया करो

कभी ऐसा भी तो हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance