STORYMIRROR

Piyush Khandekar

Romance

3  

Piyush Khandekar

Romance

कैद

कैद

1 min
198

तुम खुद को संभाल लो

मेरी फिकर कभी मत करना,

मैं एक टूटा हुआ आईना हूँ

मुझसे जुस्तजू मत करना।


तकलीफ़ होगी तुम्हें बहुत

लेकिन मेरे लिए इतना ज़रूर करना,

अपने होठों में एक लफ्ज़ बनाकर

मुझे कुछ इस कदर तुम कैद करना;

फिर मेरी आज़ादी का किसी से

कोई ज़िक्र तुम कभी मत करना...!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance