STORYMIRROR

Dr.Rashmi Khare"neer"

Tragedy

3  

Dr.Rashmi Khare"neer"

Tragedy

कायर

कायर

1 min
389

तुम कायर हो

डरपोक हो

क्योंकि तुम जीना नहीं चाहते

तुम डरते हो इसलिए तुम


हत्यारे हो

हर रूप में तुमने वो किया

जिससे मैं आहत हुई


मेरे मन की दिल की

मेरी हर उस भावना की

तुमने हत्या की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy