अच्युतं केशवं
Tragedy
कारखानों में सिसकता
बालपन पिसती जवानी।
और बूढ़े होठ सूखे
मांगते दो घूंट पानी।
झुग्गीयों में जन्म लेकर
झुग्गीयों में मर गये।
जी न पाए एक दिन
मज़दूर अपनी जिंदगानी।
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
वो मोहब्बत है मेरी वो कुछ भी कर सकती है वो मोहब्बत है मेरी वो कुछ भी कर सकती है
गर्मियों की चिलचिलाती धूप मेें शहर मेें बरपा सन्नाटा था। गर्मियों की चिलचिलाती धूप मेें शहर मेें बरपा सन्नाटा था।
तुम शायद नाराज थे मुझसे, अरे कह देते, आते तो चाहें दूर रह लेते। तुम शायद नाराज थे मुझसे, अरे कह देते, आते तो चाहें दूर रह लेते।
का फल चखा तो जाओ, सपनों में ही सही, एक बार आ तो जाओ। का फल चखा तो जाओ, सपनों में ही सही, एक बार आ तो जाओ।
मैं एक, मध्यमवर्गीय परिवार मेंं जन्मा, हमेशा पैसेे की, किल्लत देखी। मैं एक, मध्यमवर्गीय परिवार मेंं जन्मा, हमेशा पैसेे की, किल्लत देखी।
दोबारा कभी न मिलता न कहीं दिखता। दोबारा कभी न मिलता न कहीं दिखता।
दिल में यादें दफन है तुम्हारी अब हर किसी से तुम्हारी हम बात नहीं करते। दिल में यादें दफन है तुम्हारी अब हर किसी से तुम्हारी हम बात नहीं करते।
मौसम-ए-बहार नेकियों का मौसम माह-ए-सियाम। मौसम-ए-बहार नेकियों का मौसम माह-ए-सियाम।
मर्यादा से जीना सीखाते भगवान अवतारी चेतना आदर्श पूज्य राम। मर्यादा से जीना सीखाते भगवान अवतारी चेतना आदर्श पूज्य राम।
"मौत भी मुफ़लिसों को मौका नहीं देती।" बड़ी मुश्किल घड़ी थी। "मौत भी मुफ़लिसों को मौका नहीं देती।" बड़ी मुश्किल घड़ी थी।
तेरी महोब्बत में कितना बदल गया तेरी बेवफाई को हँसकर सह गया। तेरी महोब्बत में कितना बदल गया तेरी बेवफाई को हँसकर सह गया।
डॉक्टर अर्चना को न्याय दिलाओ, और धरा पर मानवता को बचाओ डॉक्टर अर्चना को न्याय दिलाओ, और धरा पर मानवता को बचाओ
एक दिन ऐसा आयेगा जब तुम अकेले रह जाओगे। एक दिन ऐसा आयेगा जब तुम अकेले रह जाओगे।
दहशत में सिसक रही आवाज़ को बहरे कानों तक पहुँचना जरूरी है ! दहशत में सिसक रही आवाज़ को बहरे कानों तक पहुँचना जरूरी है !
महकता है यह चमन , चहकता है यह गगन। महकता है यह चमन , चहकता है यह गगन।
बाते कम ही करती हूँ आजकल में सबसे अपनी बातों से किसी का दिल नहीं दुखाती बाते कम ही करती हूँ आजकल में सबसे अपनी बातों से किसी का दिल नहीं दुखाती
ज़िंदगी से ही अपना सब कुछ हार रहा हूँ मैं खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा हूँ मैं। ज़िंदगी से ही अपना सब कुछ हार रहा हूँ मैं खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा ह...
नफरत में कर दो तुम सारी हदें पार फिर भी तुम हमें कबूल हो। नफरत में कर दो तुम सारी हदें पार फिर भी तुम हमें कबूल हो।
इक दर्द का सागर है मैं बैठा उस तट पर। इक दर्द का सागर है मैं बैठा उस तट पर।
आखिर धीर धीरे, गर्मी दस्तक देने लगी। आखिर धीर धीरे, गर्मी दस्तक देने लगी।