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अमित प्रेमशंकर

Romance

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अमित प्रेमशंकर

Romance

काली काली अखियां वाली

काली काली अखियां वाली

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चाल चले मस्तानी रे।

बिखरे बिखरे बाल बदन पे

लगे हुस्न की रानी रे।।

कान में कुंडल नाक में नथिया 

चुपड होठ में लाली रे 

ऊंची सैंडल देखो भाई 

लगती मुंबई वाली रे 


छोटे-छोटे ड्रेस पहन के

सैर करे मनमानी रे 

कैसे रहेगा, क्या मालूम

अब हर प्यासा बिन पानी रे

काली काली अखियां वाली

चाल चले मस्तानी रे 

बिखरे बिखरे बाल बदन पे

लगे हुस्न की रानी रे

      


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