काबिल नहीं जो इश्क़ दुनिया के
काबिल नहीं जो इश्क़ दुनिया के
दिल लगाने की सजा है बेवफाई,
ऊपर से मां बाप की है रुसवाई।
प्यार में जान न दो सम्मान दो,
हर तरह से जिओ न इल्जाम दो।
काबिल नहीं इश्क़ जो दुनिया के,
ऐसे इश्क़ को फौरन लगाम दो।
दर्द वो नहीं झेलते जो चले जाते हैं,
दर्द वो झेलते जो यहां रह जाते हैं।
